हमारा ध्यान संसाधनों को उन लोगों से चैनलाइज करना है जिनके पास यह है जिन्हें इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है।
जन हितकारी सीमांत संस्था एक गैर–सरकारी और गैर–लाभकारी संगठन है, जो स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल एवं रोजगार एवं गरीबी के क्षेत्रों में काम करते और उन लोगों की सुविधाएं और सुविधाएं प्रदान करने के लिए स्थापित किया गया है जो खुद नहीं कर सकते।
जन हितकारी सीमांत संस्था की स्थापना 2008 में आर्थिक समानता और सतत विकास प्राप्त करने के प्रयासों को समर्थन देने के लिए की गई और समाज के सीमांत वर्गों को सामाजिक परिवर्तनकारी परिवर्तन और सुधार के लिए प्रेरणा।
जन हितकारी सीमांत संस्था का मिशन ट्रांसफॉर्म हमारे देश की बहुपरूपी विकास चुनौतियों का समाधान करने के लिए एक समावेशी मॉडल बनाना है जिससे समाज का सबसे कमजोर वर्ग गरीबी से बाहर आ सके। हम स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और आजीविका के साधनों तक पहुंच प्रदान करके सामाजिक परिवर्तन को सक्षम करना चाहते हैं। हम एक समावेशी मॉडल बनाना चाहते हैं जो सामुदायिक भागीदारी और सहयोग को बढ़ावा देता है ताकि सीमांत वर्गों की समस्याओं के स्थायी समाधान सुनिश्चित किए जा सकें। हम यह सुनिश्चित करने का प्रयास करते हैं कि सीमांत समुदायों को समाज की मुख्यधारा में लाया जा सके और एक समतामूलक समाज के विकास के अनुकूल और लाभप्रद मॉडल बनाया जा सके।
हम हमेशा सुधार करने का प्रयास करते हैं, 2008 से संगठन का उद्देश्य और मिशन/लक्ष्य स्पष्ट और सटीक रहे हैं। हमें एक यूनिक मॉडल मिला है जिसे हम सभी लोगों को दिखाना चाहते हैं ताकि हर कोई इसका अनुसरण कर सके और सभी को इससे लाभ मिल सके। समाज के उत्थान और समानता के लिए हम प्रयासरत हैं और उन लोगों के लिए जो स्वयं को असहाय मानते हैं उनके लिए एक सहारा हैं। हमारी यही सोच है कि समाज में सुधार लाने के लिए जो सही है उसके लिए हमेशा खड़ा रहना चाहिए और जब तक हम इसमें सफल नहीं हो जाते तब तक हम प्रयासरत रहना चाहिए और हम अपने लक्ष्य को पूरा करने के मामले में आगे बढ़ाना है।
बिना किसी लाभ के निम्न उद्देश्यों की पूर्ति के लिए प्रतिबद्ध....
समता, लोकतंत्र एवं अहिंसा एवं समानता मूल्यों वाले समाज का निर्माण।
साक्षरता और शिक्षा को प्रोत्साहित करना।
ग्रामीण समुदाय खास तौर से युवाओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण पैदा करना।
स्वास्थ्य संबंधी विकास एवं समाज में स्वास्थ्य के अधिकार के प्रचार प्रसार।
सरकारी योजनाओं की आमजन तक पहुंचाना एवं जानकारी देना।
बालश्रम, तस्करी, बाल विवाह, बाल शोषण, एचआईवी एड्स रोकथाम, महिला हिंसा, महिला सशक्तिकरण, बालिकाओं की शिक्षा में वृद्धि के लिए जागरूकता पैदा करना।
पर्यावरण, पशुपालन, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना।
सामाजिक बुराइयों के निवारण हेतु प्रयास करना।
कृषि, बागवानी एवं वनोपज विकास हेतु प्रशिक्षण एवं अनुसंधान कार्य करना।
बेरोजगारी उन्मूलन एवं स्वरोजगार हेतु समाज के कमजोर वर्ग को प्रशिक्षण देना।
सामाजिक सुरक्षा, मानव अधिकारों की रक्षा करना।
निर्धन, असहाय एवं अपंग व्यक्तियों की सहायता एवं पुनर्वास करना।
ग्रामीण एवं वन विकास से संबंधित कार्यक्रमों का प्रचार-प्रसार व क्रियान्वयन।
स्वास्थ्य संरक्षण योजना व परिवार कल्याण योजना के कार्यक्रम चलाना।
नशा मुक्ति तथा जल संरक्षण हेतु जनजागरण का प्रचार-प्रसार करना व प्रशिक्षण देना।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना।
महिलाओं को हस्तशिल्प कलाकृतियों का प्रशिक्षण।